MEERUT: The National Green Tribunal (NGT) has directed the Uttar Pradesh State Pollution Control Board (UP- PCB) to identify and install sewage treatment plants (STPs) at major sources of pollution in the Kali river, a tributary of the Ganga, as a part of the latter’s clean up.

                 Following the direction, the UPPCB has identified 26 large sewage lines in six districts of western U.P. which empty into the Ka

 Inspection soon:

According to Atulesh Yadav a local officer with the UP-PCB, “The NGT has asked the UPPCB and Jal Nigam to jointly work to prevent pollution in the Kali river. It will be done as part of the Prime Minister’s Namami Gange project. Twenty –six big sewage lines, which do not have STPs, have been identified in Meerut, Muzaffarnagar, Ghaziabad, Hapur, Bulandshahr,Aligarh and Kannauj. The process will soon start to inspect these sewage lines,” he said.

          Kali river originates from Antwada village of Khatauli block in Muzaffarnagar and joins the Ganga in Kanpur after passing through Merrut, Hapur, Bulandshahr, Gaziabad, Aligarh and Kannauj districts.

           Acoording to Raman Tyagi, whose petition in the NGT about pollution of the Kali river led to the tribunal directive , over two decades ago, the Kali used to be a clean river and its water was used for drinking by villagers living on its banks.

      Mr. Tyagi has been monitoring the pollution in the Kali, Krishna and Hindon and other tributaries of the Ganga in western U.P.

Industrial effluents:

“But industrial effluents from paper and sugar mills and slaughter houses with unhealthy chemical wastes, besides untreated sewage over the last two decades has made the river poisonous that no living organism is found in the water.

        “ It not only pollutes the Ganga but the poisonous water has contaminated drinking water through the seepage in thousands of villages located on its banks,” said Mr. Tyagi, founder of NEER foundation which wors on the issue of water and renewable energy in western U.P.

Seal handpumps:

“Our investigation showed that water in villages has been seriously polluted and is manifest in medical problems for villagers who consume the drinking water from hand pumps. We requested that these hand pumps  be sealed and the government arrange for clean drinking water in those areas. We also prayed that the NGT should ensure serious measures to prevent pollution of Kali, as it was a tributary of the Ganga and its pollution becomes the pollution of Ganga,” he told The Hindu.

Related Pictures

Is this relevant to you? Leave a Message

Must Read.

ईस्ट काली रिवर वाटर कीपर - मोरकुक्का गाँव में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने हेतु वाटर फ़िल्टर व आर.ओ का वितरण

ईस्ट काली रिवर वाटर कीपर - मोरकुक्का गाँव में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने हेतु वाटर फ़िल्टर व आर.ओ का वितरण

नीर फाउंडेशन विगत कई वर्षों से काली नदी पूर्वी को निर्मल व स्वच्छ बनाने की दिशा में कार्य कर रही है. नदी के प्रदूषित जल द्वारा गांव में घुल ......

ईस्ट काली रिवर वॉटरकीपर - मोरकुक्का ग्राम को प्रदूषित जल से मुक्ति दिलाने हेतु नीर फाउंडेशन की सार्थक पहल

ईस्ट काली रिवर वॉटरकीपर - मोरकुक्का ग्राम को प्रदूषित जल से मुक्ति दिलाने हेतु नीर फाउंडेशन की सार्थक पहल Event

काली नदी पूर्वी के कारण आस पास के गांवों में घुल रहे प्रदूषण के जहर से मुक्ति दिलाने में नीर फाउंडेशन लंबे समय से प्रयासरत है. इसी कड़ी में 2......

ईस्ट काली रिवर वाटरकीपर – सुधरेगी पूर्वी काली नदी की सेहत, केंद्र सरकार ने पारित किया 682 करोड़ का बजट

ईस्ट काली रिवर वाटरकीपर – सुधरेगी पूर्वी काली नदी की सेहत, केंद्र सरकार ने पारित किया 682 करोड़ का बजट

काली नदी के जीर्णोद्धार के लिए कुछ विकास कार्यों को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है. इसके अलावा अंतवाड़ा में एक झील का निर्माण होगा. उद्गम स्थल प......

रमन कांत – प्रकृति की सेवा के लिए संकल्पित एक जाना-माना नाम

रमन कांत – प्रकृति की सेवा के लिए संकल्पित एक जाना-माना नाम

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कृत संकल्पित रमन कांत त्यागी जी एक ऐसी युवा शक्ति का नाम है, जिन्होंने अपना समस्त जीवन प्रकृति की सेवा में ही ल......

ईस्ट काली रिवर वाटर कीपर - नकारने से और नासूर बन जाएगी मौसम परिवर्तन की समस्या

ईस्ट काली रिवर वाटर कीपर - नकारने से और नासूर बन जाएगी मौसम परिवर्तन की समस्या

24वां कन्वेंशन ऑफ द पार्टीज अर्थात कोप-24 के माध्यम से आगामी 2 से 14 दिसम्बर 2018 तक पोलैण्ड के शहर काटोवाइस में जलवायु परिवर्तन की गंभीर सम......

ईस्ट काली रिवर वाटरकीपर - लालच की भेंट चढ रहे समाज के आधार.. हमारे जलस्रोत

ईस्ट काली रिवर वाटरकीपर - लालच की भेंट चढ रहे समाज के आधार.. हमारे जलस्रोत

गैर-सरकारी संगठन नीर फाउंडेशन द्वारा मेरठ जनपद के परीक्षितगढ़ ब्लॉक के प्राकृतिक जल स्रोतों व अन्य जल संसाधनों पर एक रिपोर्ट तैयार की गई है। ......

ईस्ट काली रिवर वाटरकीपर - नदी सेवा : काली नदी की सफाई में श्रमदान हेतु आप सादर आमंत्रित हैं

ईस्ट काली रिवर वाटरकीपर - नदी सेवा : काली नदी की सफाई में श्रमदान हेतु आप सादर आमंत्रित हैं Event

काली नदी सफाई हेतु जुटेंगे ग्रामीण - दो अक्टूबर से प्रारम्भ होगा सफाई कार्यनीर फाउंडेशन पिछले करीब एक दशक से गंगा की प्रमुख सहायक नदी काली प......

ईस्ट काली रिवर वाटरकीपर - उत्तर प्रदेश की प्रस्तावित नदी नीति : मेरठ घोषणापत्र

ईस्ट काली रिवर वाटरकीपर - उत्तर प्रदेश की प्रस्तावित नदी नीति : मेरठ घोषणापत्र

उत्तर प्रदेश की अधिकतर नदियां अब नाला बन गई हैं। बाढ़-सुखाड़ ने इन्हें मार दिया है, शहरीकरण ने इनकी आस्था एवं पर्यावरण रक्षा वाला व्यवहार और स......