The Kali originates from the forest region in Antwada village in Jaansad tehsil of Muzafarnnagar district in form of a small stream, flowing for about 3 kms as clear waters. On the way to Khatauli – Mirapur road, black stenching waters of Khatauli sugar mill finds its way to the Kali.

 After 10 kms of its journey with black waters, it enters Meerut district. It passes Nagli aashram in Meerut district. The water here is quite dirty. It dries up on its way onwards.

 The dry river reaches another 10-15 kms towards Daurala – Lavad road where the drain of Daurala sugar mill flows into the dry river giving it black stanching but water for life. Passing Panwadi, Dhanju and Dedva villages, the river moves ahead of Meerut – Mawana road, where the drains of half a dozen paper mills of Saini, Phitkari and Rafen villages flow into the river.

The Kali
originates from the forest region in Antwada village in Jaansad tehsil of
Muzafarnnagar dis

Moving ahead to Meerut city, the river passes through Jaibheem nagar colony where PAC drain carrying the city wastes meets the river. This sewage also consists of wastes of Daurala Chemical plant and color factory.

 The river moves ahead carrying large quanity of wastage yet for 5 kms, the animal carscasses and bloody wastage of butcher house of Meerut nagar nigam is also dropped into the river. The river passes through Aadh, Kudhla, Kaul, Bhadoli and Atrara villages and flows about for 20 kms before entering Hapur district.

 Then passing through Hapur- Garh road, after 30 kms the river enters Bulandshar district. The sewage of bulandshahar city is also dumped into it. After about 50 kms, the river enters Aligarh district. The wastage of Aligarh distillery and butcher houses is dumped into the river. 

The Kali
originates from the forest region in Antwada village in Jaansad tehsil of
Muzafarnnagar dis

 As the river crosses Aligarh, the pollution level decreases. The first reason for it is the fresh river water which is added at the Harduaganj Bhudansi at Aligarh and second reason being no industrial waste being added between Aligarh and Kannauj where it meets Holy Ganga. From Aligarh, it flows towards Kaasganj. There is a spectacular view of rivers at Kaasganj.

 The Kali River flows from under another river on the bridge. This bridge was constructed in 18th century and is 200 mts long. From Kaasganj, the river flows into Eta district, from there to Farukkhabad and at the end to Kannauj district. At Kaasganj, Eta, Farrukhabad and Kannauj districts, no industry dumps its wastes in to the Kali and neither the city sewage is dumped into it.

 After Eta, the sewage of Gursaiganj township is dumped into Kali, but the the river water becomes clearer onwards. But, a drain is being constructed by Uttar Pradesh govt at Kannauj city, to carry and dump the sewage of the city into the river.

 The distance travelled between Kaasganj and Kannauj by the river is almost 150 kms. This length of river is far cleaner than the same length between Muzafarnnagar to Aligarh. When the Kali flows into Ganga at Kannauj, it becomes difficult to differentiate the Ganga and Kali waters.

 

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